Sunday, 15 February 2015

मतदाता पहचान - पत्र की गलतियाँ सुधार हो

मतदाता पहचान - पत्र की गलतियाँ सुधार हो 

यह केवल पहचान - पत्र मात्र नहीं बल्कि लोकतंत्र को सफल बनाने का मौका प्रदान करता हैं और यह सुनिश्चित करता हैं की अब हम मतदान कर सकते हैं। 18 वर्ष की आयु के बाद बनने वाला यह पहचान - पत्र हर भारतीय नागरिक के लिए जरूरी हैं।  आधार - कार्ड पर जोर देने वाली सरकार को को मतदाता पहचान पत्र पर भी खासा जोर देना चाहिए ताकि ग्रामीण जनता इसे आसानी से बनवा सके। निर्वाचन - विभाग पंचायती शिक्षकों से मतदाता पहचान - पत्र बनवाने का कार्य करा रही हैं परन्तु अपने शिक्षण पेशा से बंधा शिक्षक अपना कार्य भलीभांति से नहीं कर पा रहे हैं या कम्प्यूटर ऑपरेटर की लापरवाही से अधिकतम  कार्ड पर छपी मतदाता की जानकारी बिलकुल ही गलत छापी जा रही हैं। एक तो बड़ी मुश्किल से बनता हैं और फिर गलत जानकारी के वजह से अधिकतम नागरिक मतदान करने से वंचित रह जाते हैं तो फिर वैसे पहचान - पत्र की क्या जरुरत हैं ? सरकार को अविलम्ब ही मतदाता पहचान -पत्र सुधार कार्यक्रम चलाना चाहिये ताकि हम नागरिक उसका सही वक़्त पर उपयोग कर अपना लोकतान्त्रिक हक़ अदा कर सके। 

No comments:

Post a Comment