रवि की मौत की सीबीआई जाँच पर सियासत क्यों ?
भ्र्ष्टाचार के विरोधी आईएएस स्व. डी के रवि को अभी चिता अगन से ठण्डक भी नहीं मिली की सियासी दावपेंच का खेल शुरू हो गया हैं। रवि जी का कल उनके ईमानदारी व सुकर्मठता का गुणगान कर रहा हैं फिर भी हमारे राजनेता क्यों अनसुना कर रहे हैं ?क्यूंकि वो भ्र्ष्टाचार - विरोधी थे या फिर आज के समाज में शहीदों का कोई वजूद ही नहीं हैं। कर्नाटक - सरकार के लिए खुद को लूटाने वाले रवि जी की हत्या के रहस्य का सीबीआई - जाँच होना ही चाहिए क्यूंकि मौजूदा हमारे समाज में ईमानदार अधिकारी बहुत ही अल्प हैं और अगर हम इसी तरह से अपने सामाजिक - रक्षकों की हत्या पर खामोश रहेंगे तो आने वाले कल में साफ़ छवि के को देखना असंभव हो जायेगा। सीबीआई - जांच के लिए केंद्र सरकार के साथ कर्नाटक - सरकार को भी आगे आकर मामले की सच्चाई को जानना चाहिए ताकि हत्यारों को सजा और उनके परिवार को सामाजिक - न्याय मिल सके। कर्णाटक - सरकार को अपना नकारात्मक फैसला वापस ले लेना चाहिए और न्याय की गरिमा को बरकरार रखना चाहिए। हमारे देश में सियासी - सवाल तो उठते ही रहते परन्तु एक भ्र्ष्टाचार - विरोधी आईएएस अधिकारी की मौत पर नकारात्मक राजनीति करना अशोभनीय है तथा समाज के पक्ष से भिन्नात्मक हैं। सियासी - बादलों से रवि का निकालना ही हमारे लिए उज्जवल होगा।
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