Saturday, 31 January 2015

स्वच्छ - भारत का अस्वस्थ्य - लोकतन्त्र

स्वच्छ - भारत का अस्वस्थ्य - लोकतन्त्र 

कांग्रेस को करारी हार फिर भी केजरीवाल के आगे सब लाचार। अन्ना के लाल ने फिर से राजनीतिक रणबाँकुरों  के नाक में दम कर दिया हैं तभी तो सभी राजनीतिक दिग्गज आ गए हैं दिल्ली चुनाव के महासागर में केजरीवाल की कश्ती डुबाने। दिल्ली चुनाव अब अखाड़े का मैदान बन चूका हैं और मोदी मैजिक  बनाम केजरी कहर के बीच शब्दों के वार शुरू हो गए हैं। मा.पी.एम. का चुनाव प्रचार मन में कई सवाल खड़ा कर रहा हैं कि लोकतन्त्र भारत के सर्वोच्च पद पर पदासीन मोदी ही रैली करेंगे तो देश कौन संभालेगा? भले ही दिल्ली - चुनाव भाजपा के शान की लड़ाई हैं पर मोदी जी का रैली करना यह बताता हैं की समाजवाद से परे हैं उनका ये फैसला। स्वच्छ और स्वस्थ्य भारत का स्वप्न दिखाने वाले ही लोकतन्त्र को बीमार बना रहे हैं तो अब देश और लोकतन्त्र को कौन बचाएगा ?

                                                                - रवि कुमार गुप्ता
                                            एम.ए.  इन जर्नलिज्म एण्ड मॉस कम्युनिकेशन
                                                   सेण्ट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओड़िशा
                                        सम्पर्क न.- +919471222508 , +919778022524 

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